क्रिकेट बुलेटिन

ताज़ा क्रिकेट खबरें सीधे आपके इनबॉक्स में

सदस्य बनें

© 2026 क्रिकेट संगम

No Ball aur Wide Ball kya hota hai? - पूरी जानकारी आसान हिंदी में

क्रिकेट में No Ball aur Wide Ball kya hota hai? फ्री हिट (Free Hit) के नियम और पेनाल्टी के बारे में आसान भाषा में जानकारी।

C

Cricket Sangam

क्रिकेट संवाददाता

नो बॉल और वाइड बॉल के नियम - क्रिकेट संगम हिंदी क्रिकेट न्यूज़

No Ball aur Wide Ball kya hota hai? (क्रिकेट के अहम नियम)

क्रिकेट मैच के दौरान आपने अक्सर अंपायर को दोनों हाथ हवा में फैलाते हुए या अपना एक हाथ बाहर की तरफ निकाल कर इशारा करते हुए देखा होगा। ये इशारे ‘वाइड बॉल (Wide Ball)’ और ‘नो बॉल (No Ball)’ के होते हैं।

अगर आप क्रिकेट की दुनिया में नए हैं, तो आज हम आपको बहुत ही सिंपल भाषा में बताएंगे कि क्रिकेट में No Ball aur Wide Ball kya hota hai और इसका टीम के स्कोर पर क्या असर पड़ता है।

1. वाइड बॉल क्या होती है? (What is a Wide Ball?)

अगर गेंदबाज (Bowler) द्वारा फेंकी गई बॉल बल्लेबाज (Batsman) की पहुंच (Reach) से बहुत दूर होती है, तो उसे ‘वाइड बॉल’ कहा जाता है। बल्लेबाज खेलने के लिए बैट (Bat) तो घुमाता है, लेकिन बॉल इतनी दूर होती है कि वो उसे मार नहीं पाता। मैदान (Pitch) पर विकेट के दोनों तरफ सफेद रंग की लाइनें (Crease) खींची होती हैं। इसे वाइड-लाइन कहते हैं।

  • ऑफ साइड वाइड (Off Side Wide): अगर बॉल इस सफेद लाइन के बाहर से जाती है और बल्लेबाज उसे नहीं छू पाता, तो अंपायर दोनों हाथ फैलाकर वाइड का इशारा देता है।
  • लेग साइड वाइड (Leg Side Wide): अगर बॉल बल्लेबाज के पैरों के पीछे (Leg Side) से निकल जाती है, तो उसे भी वाइड माना जाता है। टी20 क्रिकेट में लेग साइड की वाइड काफी सख्ती से देखी जाती है।

वाइड बॉल का फायदा क्या है?

  • जब गेंदबाज वाइड बॉल फेंकता है, तो बैटिंग करने वाली टीम के खाते में 1 एक्स्ट्रा रन जुड़ जाता है।
  • साथ ही, यह गेंद ओवर में नहीं गिनी जाती। यानी बॉलर को वह गेंद दोबारा (Extra Ball) फेंकनी पड़ती है।

2. नो बॉल क्या होती है? (What is a No Ball?)

‘नो बॉल’ (No Ball) का मतलब है कि गेंदबाज ने गलत तरीके (Illegal delivery) से गेंद फेंकी है। नो बॉल कई वजहों से हो सकती है:

  1. क्रीज के बाहर पैर (Front-foot No ball): बॉलर को बॉल फेंकते समय अपना आगे का पैर पॉपिंग क्रीज (सफेद लाइन) के अंदर रखना होता है। अगर उसका पैर पूरी तरह लाइन के बाहर आ जाए, तो अंपायर अपना एक हाथ साइड में निकालकर ‘नो बॉल’ का इशारा देता है।
  2. बीमर गेंद (Beamer): अगर कोई गेंदबाज सीधे (बिना जमीन पर टप्पा खाए) बल्लेबाज की कमर या छाती से ऊपर बॉल फेंकता है, तो इसे खतरनाक माना जाता है और यह नो-बॉल होती है।
  3. गलत बॉलिंग एक्शन: अगर गेंदबाज अपना हाथ बॉलिंग करते समय तय सीमा से ज्यादा मोड़ लेता है (चकिंग), तो अंपायर नो-बॉल दे सकता है।
  4. फील्डिंग के नियम तोड़ना: पावरप्ले के नियमों का पालन न करने पर (जैसे पीछे ज्यादा फील्डर्स खड़े करना) अंपायर इसे भी ‘नो बॉल’ करार दे सकता है।

नो बॉल का फायदा और “फ्री हिट” (Free Hit)

  • वाइड बॉल की तरह ही, नो-बॉल पर भी बैटिंग टीम को 1 एक्स्ट्रा रन मिलता है और गेंद दोबारा फेंकनी पड़ती है।
  • फ्री हिट (Free Hit): नो बॉल की सबसे बड़ी सजा ‘फ्री हिट’ है। नो बॉल के ठीक बाद वाली गेंद फ्री हिट कहलाती है। इस बॉल पर बल्लेबाज ‘रन आउट’ (Run Out) के अलावा किसी भी तरह से (कैच, बोल्ड, LBW) आउट नहीं हो सकता। वो बिना डरे जोर से घुमाकर शॉट मार सकता है!
C

लेखक: Cricket Sangam

क्रिकेट संगम टीम के वरिष्ठ पत्रकार। विश्व क्रिकेट और मैच विश्लेषण पर विशेष रिपोर्टिंग।

शेयर करें:

संबंधित लेख