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DRS kya hota hai? - क्रिकेट में डिसीजन रिव्यू सिस्टम की पूरी जानकारी

क्रिकेट में DRS kya hota hai? डिसीजन रिव्यू सिस्टम (Decision Review System) कैसे काम करता है? जानिए 'अंपायर्स कॉल' (Umpire's Call) समेत DRS के सभी नियम हिंदी में।

क्रिकेट संगम टीम

क्रिकेट संवाददाता

क्रिकेट में DRS सिस्टम क्या है? - क्रिकेट संगम

DRS (Decision Review System) - डिसीजन रिव्यू सिस्टम की पूरी जानकारी

जब भी कोई विवादित फैसला होता है, तो कमेंटेटर कहता है: “T-sign! DRS ले लिया गया है!”

लेकिन क्या आप समझते हैं कि DRS क्या है, यह कैसे काम करता है, और Umpire’s Call क्या होता है?

आज हम इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझाएंगे।

DRS का फुल फॉर्म और मतलब

DRS = Decision Review System (डिसीजन रिव्यू सिस्टम)

सीधे शब्दों में: अंपायर के फैसले को चुनौती देना या दोबारा देखवाना

डीआरएस का मतलब क्या है?

जब अंपायर कोई फैसला करता है (आउट या नॉट आउट), और खिलाड़ी या कप्तान को लगता है कि फैसला गलत है, तो वह दोनों हाथों से T आकार बनाकर कहते हैं: “हमें DRS लेना है!”

फिर तीसरा अंपायर (TV पर बैठा हुआ) उस फैसले को दोबारा देखता है - slow motion में, technology से - और फिर सही फैसला देता है।

DRS का उद्देश्य:

  1. गलत फैसलों को सही करना
  2. क्रिकेट को न्यायपूर्ण बनाना
  3. तकनीक का सही उपयोग करना

DRS में कौन से Technology का उपयोग होता है?

1. Hawk-Eye (हॉक-आई) - सबसे महत्वपूर्ण

क्या है: Hawk-Eye एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है जो गेंद का 3D path (रास्ता) दिखाता है।

कैसे काम करता है:

  • मैदान के चारों ओर कई कैमरे लगे होते हैं (10-12 कैमरे)
  • ये कैमरे गेंद के हर गेंद का trajectory (रास्ता) track करते हैं
  • Computer यह calculate करता है कि गेंद अगर bounce न करे, तो कहां जाएगी

कहां का उपयोग होता है:

  • LBW (Leg Before Wicket) decisions - सबसे महत्वपूर्ण
  • यह दिखाता है कि गेंद स्टंप्स को हिट करती या नहीं

सटीकता: 99.5% तक सटीक है

2. Ultra-Edge (अल्ट्रा-एज) / Snickometer - Sound Detection

क्या है: एक माइक्रोफोन-जैसा उपकरण जो आवाज़ को detect करता है।

कैसे काम करता है:

  • जब गेंद bat से टकराती है, तो एक आवाज़ होती है (Snick)
  • Ultra-Edge यह आवाज़ को capture करता है
  • TV स्क्रीन पर एक Spike (उछाल) दिखाई देता है
  • अगर Spike है = गेंद को बल्ले ने छुआ = Caught Out

कहां का उपयोग होता है:

  • Caught Behind decisions - जब विकेटकीपर के पीछे पकड़ा हो
  • गेंद को Edge (किनारे) से छुआ हो

सटीकता: 95%+ सटीक

3. Hot Spot (हॉट स्पॉट) - Infrared Camera

क्या है: एक विशेष camera जो infrared light (red light जो दिखता नहीं है) का उपयोग करता है।

कैसे काम करता है:

  • जब गेंद bat से टकराती है, तो वहां friction (घर्षण) होता है
  • Friction से heat बनती है (गर्मी)
  • Infrared camera इस गर्मी को देख सकता है
  • Screen पर एक white mark दिखाई देता है = गेंद को छुआ

समस्या:

  • अगर ground की गर्मी ज्यादा हो, तो confusing हो सकता है
  • Modern cricket में कम उपयोग होता है (Ultra-Edge की वजह से)

4. Snicko (स्निको) - Sound Graph

क्या है: एक audio graph जो ultra-edge की तरह ही काम करता है।

फर्क:

  • Snicko एक visual representation (दिखाई देने वाला ग्राफ) है
  • अगर Edge हुई = ग्राफ में spike दिखता है
  • अगर Edge नहीं हुई = straight line रहता है

DRS का उपयोग कब हो सकता है?

1. Batting Side (बल्लेबाजी टीम):

  • जब अंपायर ने “आउट” दिया लेकिन खिलाड़ी को लगे कि वह आउट नहीं है
  • LBW, Caught, Bowled, Stumped - किसी भी फैसले को challenge कर सकते हैं

2. Fielding Side (फील्डिंग टीम):

  • जब अंपायर ने “नॉट आउट” दिया लेकिन टीम को लगे कि वह आउट होना चाहिए
  • कप्तान DRS ले सकता है

3. अंपायर खुद:

  • कुछ formats में अंपायर खुद भी DRS ले सकता है
  • अगर उसे doubt हो कि फैसला सही नहीं है

4. वाइड/नो बॉल पर DRS:

  • IPL में: वाइड और नो बॉल दोनों पर DRS हो सकता है
  • अन्य formats में: आमतौर पर नहीं

DRS के नियम - कितने Review मिलते हैं?

T20 क्रिकेट (IPL):

  • प्रति पारी (Innings): 2 Reviews
  • अगर सही साबित हो: Review वापस मिल जाता है
  • अगर गलत साबित हो: Review खत्म हो जाता है

वनडे क्रिकेट:

  • प्रति पारी: 2 Reviews
  • Same rule जैसे T20

टेस्ट क्रिकेट:

  • प्रति 80 ओवर के बाद: 3 Reviews
  • ज्यादा Reviews क्योंकि टेस्ट मैच लंबा होता है

Umpire’s Call - सबसे बड़ी confusing चीज़

Umpire’s Call क्या है?

जब Hawk-Eye दिखाता है कि गेंद सिर्फ किनारे से स्टंप्स को टच कर रही है (50% से भी कम), तो फैसला umpire के ओरिजिनल decision पर ही रहता है।

उदाहरण:

Situation 1: अंपायर ने “आउट” दिया

  • Hawk-Eye दिखाता है: गेंद 30% स्टंप को hit कर रही है
  • Umpire’s Call: फैसला “आउट” ही रहता है
  • DRS गलत साबित हुआ = Review खत्म

Situation 2: अंपायर ने “नॉट आउट” दिया

  • Hawk-Eye दिखाता है: गेंद 40% स्टंप को hit कर रही है
  • Umpire’s Call: फैसला “नॉट आउट” ही रहता है
  • DRS सही साबित नहीं हुआ = Review खत्म नहीं, लेकिन फैसला नहीं बदला

Rule:

  • अगर Hawk-Eye 50% से कम hit दिखाए = Umpire’s decision स्वीकार
  • अगर Hawk-Eye 50% से ज्यादा hit दिखाए = फैसला बदल दिया जाता है

DRS की सफलता और असफलता के उदाहरण

सफल DRS (Review सही साबित हुआ):

  • खिलाड़ी को लगा कि catch नहीं लगी, लेकिन अंपायर ने आउट दिया
  • Ultra-Edge से साबित हो गया कि गेंद को बल्ले ने touch ही नहीं किया = Review सफल

असफल DRS (Review गलत निकला):

  • खिलाड़ी को लगा कि LBW नहीं है
  • Hawk-Eye दिखाता है कि गेंद सीधे स्टंप्स को हिट करती = आउट ही है = Review सफल नहीं

DRS के फायदे और नुकसान

फायदे:

गलत फैसलों को सही करनाTechnology का उपयोग करके न्यायपूर्ण निर्णयखिलाड़ियों को अपनी बात रखने का मौकाक्रिकेट को ज्यादा credible बनाना

नुकसान:

Match की गति धीमी हो जाती है - review लेने में 2-3 मिनट लगते हैं ✗ Hawk-Eye कभी-कभी गलत हो सकती है (99% सटीक भी नहीं है 100%) ✗ Umpire’s Call की वजह से confusion - 50-50 calls मुश्किल हो जाते हैं ✗ Review खत्म होने का फायदा - कभी-कभी सच्चा फैसला नहीं हो पाता


DRS से संबंधित मजेदार तथ्य

  1. पहली बार DRS: 2008 में पहली बार test cricket में उपयोग किया गया
  2. IPL में आया: 2010 में IPL में DRS आया
  3. सबसे ज्यादा DRS: भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक सबसे ज्यादा DRS लिए हैं
  4. Famous Umpire’s Call: 2019 World Cup final में एक controversial Umpire’s Call का फैसला हुआ

क्रिकेट के अलग formats में DRS के नियम

FormatReviewsकब लागूHawk-Eye का उपयोग
T202हर पारीहां
ODI2हर पारीहां
Test3हर 80 ओवरहां
IPL2हर पारीहां

निष्कर्ष

DRS ने क्रिकेट को बेहतर बनाया है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं भी हैं। Technology perfect नहीं हो सकती 100%, पर यह ज्यादातर समय सही निर्णय करती है।

अगली बार जब आप क्रिकेट मैच देखें और DRS आए, तो आप समझेंगे कि:

  • Hawk-Eye क्या दिखा रहा है
  • Ultra-Edge की आवाज़ क्यों महत्वपूर्ण है
  • Umpire’s Call का क्या मतलब है

FAQ

Q: क्या Hawk-Eye सिर्फ LBW के लिए है? A: नहीं, लेकिन LBW के लिए सबसे ज्यादा उपयोग होता है। Caught decisions में भी कभी-कभी देखा जाता है।

Q: अगर सभी Reviews खत्म हो गए, तो क्या होता है? A: फिर आउट/नॉट आउट फैसला अंपायर का ही चलता है - कोई और review नहीं।

Q: क्या Super Over में भी DRS मिलता है? A: हां, IPL में Super Over में भी 1 review प्रति टीम को मिल सकता है।

Q: Umpire के अपने decision पर DRS लागू हो सकता है? A: नहीं, अंपायर अपने decision को खुद review नहीं ले सकता सीधे - सिर्फ fielding/batting side ही ले सकते हैं।

लेखक: क्रिकेट संगम टीम

क्रिकेट संगम टीम के वरिष्ठ पत्रकार। विश्व क्रिकेट और मैच विश्लेषण पर विशेष रिपोर्टिंग।

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